नाटू-नाटू डांस शूटिंग से आज भी दर्द होता है पैरों में : एनटीआर जूनियर

Bollywood Entertainment : सुपरहिट फिल्म आरआरआर के आइकॉनिक नंबर नाटू-नाटू डांस स्टेप के बारे में सुपरस्टार एनटीआर जूनियर ने बताया कि, नाटू-नाटू डांस के स्टेप मुश्किल नहीं थे, मुश्किल था गाने का सिंक करना। इस गाने के लिए वह और उनके को-स्टार रामचरण तेजा रोजाना तीन घंटे रोजाना प्रैक्टिस करते थे। गाने की शूटिंग से उनके पैरों में अभी भी दर्द होता है।

एक इंटरव्यू में एनटीआर जूनियर से पूछा गया कि क्या आपने सोचा था कि यह फिल्म सभी ग्लोबल लाइन्स को पार कर देगी और सभी इसे पसंद करेंगे? इस सवाल के जवाब में एक्टर ने कहा कि मुझे नहीं पता, लेकिन गाने को शूट करने का एक्सपीरियंस मैं बता रहा हूं कि मेरे पैरों में आज भी दर्द होता है। डांस स्टेप्स मुश्किल नहीं थे लेकिन जो मुश्किल था वह था सिंक। हम तीन घंटे तक हर रोज डांस प्रैक्टिस करते थे। हम उस गाने की शूटिंग के दौरान इसकी रिहर्सल करते थे। हमने उस गाने की शूटिंग से एक हफ्ते पहले रिहर्सल की थी और हम सेट पर भी रिहर्सल कर रहे थे। यह केवल सिंक्रोनाइजेशन के लिए था।

अपनी सफलताओं की लिस्ट में एकेडमी अवॉर्ड नॉमिनी को शामिल करना वैâसा लगता है? एनटीआर जूनियर ने जवाब दिया कि एक एक्टर और क्या मांग सकता है, एक फिल्ममेकर विश्व स्तर पर सिनेमा के सबसे बड़े उत्सव, ऑस्कर का हिस्सा बनने के लिए और क्या मांगेगा। उन्होंने कहा कि बड़ा दिन वह होता है, जब एक एक्टर के रुप में नहीं बल्कि एक भारतीय के रुप में रेड कॉर्पेट पर चलने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि इस दिन के लिए मुझे लगता है कि हम आरआरआर के एक्टर बनकर नहीं चलेंगे। मैं रेड कॉर्पेट पर एक भारतीय के रुप में चलने जा रहा हूं, मेरे लिए यह गर्व की बात है, मेरे दिने में मेरा देश है।

एसएस राजामौली की आरआरआर ने अपने लाईववायर ट्रैक नाटू-नाटू के लिए ९५वें ऑस्कर अवॉडर्स में बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग में नॉमिनेशन हासिल किया। १२ मार्च को ग्रैंड इवेंट होगा। एमएम कीरावनी द्वारा कंपोज ट्रैक, जनवरी में ८०वें गोल्डन ग्लोब अवार्डस में बेस्ट ओरिजनल सॉन्ग अवॉर्ड जीतने वाला पहला भारतीय और एशियाई गीत बना।

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